in

अग्निवीर योजना को लेकर देश में कौन फैला रहा है अफवाह?

हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा भारतीय सैन्य दल में बहुत बड़ा बदलाव करने की घोषणा की गई। यह बदलाव सही में दल में भर्ती को लेकर हुआ। केंद्र सरकार सेना में भर्ती के लिए नई प्रक्रिया को अपनाने वाली एक नई योजना लेकर के आए जिसका नाम है अग्निपथ। अग्निपथ योजना को बनाने से पहले देश के बड़े ब्यूरोक्रेट्स और सेना के बड़े अधिकारियों से और अनुभवी अधिकारियों से विचार विमर्श किया गया। इन सारे विचार विमर्श और मंथन में से जो निष्कर्ष सामने निकल कर आया उसमें से ही अग्नीपथ का आविष्कार किया गया। सारे पहलुओं पर चर्चा करने के बाद उचित निर्णय लिया गया और अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया को लागू करने पर मुहर लग गई।

लेकिन जैसे ही केंद्र सरकार के द्वारा इस नई योजना की घोषणा की गई वैसे ही देश में अराजक स्थितियां उत्पन्न हो गई। हमने टीवी चैनलों के माध्यम से देखा कि कैसे बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कथित विद्यार्थियों ने उपद्रव किया और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। यह सारा दंगा फसाद केवल अग्नीपथ योजना का विरोध करने के लिए उकसाया गया था। हालांकि केंद्र सरकार के द्वारा लाई गई इस नई योजना में किसी भी प्रकार की कोई खामी नहीं है ऐसा जाहिर करने के लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख सामने आए और उन्होंने अग्निपथ योजना की बारीकियों पर ध्यान आकृष्ट किया।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने अग्निपथ योजना के बारे में कहा कि इस योजना को बहुत विचार-विमर्श करने के बाद लाया गया है और चाहे कुछ भी हो जाए यह योजना वापस नहीं ली जाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बताया कि आने वाले 26 जून से अग्निपथ योजना के माध्यम से सैन्य भर्ती शुरू की जाएगी। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस योजना के बारे में कौन अफवाह फैला रहा है? इस विषय में जब बिहार पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि 9 ऐसे कोचिंग इंस्टिट्यूट थे जिन्होंने विद्यार्थियों को अग्निपथ योजना के बारे में गलत गलत जानकारी दी जिसके चलते विद्यार्थी उकसावे में आ गए।

केवल कोचिंग इंस्टिट्यूट ही नहीं बल्कि कई ऐसी विपक्षी पार्टियां भी है जिन्होंने अग्निपथ योजना के बारे में उल्टी सीधी बातें युवाओं को बताई। एक और हैरान करने वाली बात यह है कि उपद्रव करने वाले जितने भी छात्रों को पकड़ा गया या फिर कथित छात्रों को पकड़ा गया उनमें से ज्यादातर छात्रों की आयु 25 वर्ष से ज्यादा है। यानी इस योजना का लाभ लेने के लिए वे पात्र ही नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों इतना उपद्रव कर रहे थे। क्योंकि अग्निपथ योजना के लिए केवल साडे 17 साल से लेकर 21 साल के उम्र वाले नौजवान ही पात्र है।

सेना के बड़े अधिकारियों के द्वारा बार-बार इस बात को कहा जा रहा है कि अग्निपथ योजना से भारत का भविष्य ही नहीं बल्कि भारत का वर्तमान भी उज्जवल बनेगा उन विराम भारत के नौजवानों के हाथ को काम मिलेगा और बेरोजगारी कम होगी। केवल इतना ही नहीं बल्कि अग्निपथ योजना के माध्यम से भारत के युवाओं को सेना में नौकरी करने का अनुभव मिलेगा। यह तक कहा गया है कि अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती हुए युवक को वह सारी सुविधाएं मिलेगी जो रेगुलर जवान को मिलती है। इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रम को ना फैलाएं।

Avatar

Written by Team Bharatiya News

Editorial Team, Bharatiya News

महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन की आहट

राष्ट्रपति चुनाव के लिए पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा होंगे विपक्ष के उम्मीदवार